राष्ट्रपति और पीएम को भेंट किए जाने वाले स्मृति चिह्नों से भराड़ीसैंण को मिली नई सांस्कृतिक पहचान

राष्ट्रपति और पीएम को भेंट किए जाने वाले स्मृति चिह्नों से भराड़ीसैंण को मिली नई सांस्कृतिक पहचान

भराड़ीसैंण (गैरसैंण), 11 फ़रवरी 2026। उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण स्थित विधानसभा भवन में राज्य की लोककला और सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए एक विशेष पहल की गई। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण की ओर से स्थानीय कलाकारों को सम्मानित और प्रोत्साहित किया गया।

विधानसभा परिसर में नंदा राजजात यात्रा, छोलिया नृत्य, रम्माण उत्सव, पारंपरिक वाद्य यंत्र, ऐपन कला और रम्माण के मुखौटे जैसी कलाकृतियां स्थापित की गई हैं। सभी कलाकृतियां राज्य के स्थानीय कलाकारों की ओर से निर्मित की गई हैं, जिससे उन्हें प्रतिष्ठित मंच पर अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिला और सम्मान प्राप्त हुआ।

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने कहा कि उत्तराखंड की लोककला हमारी संस्कृति और विरासत की पहचान है। उन्होंने कलाकारों को प्रोत्साहित करने और उनकी कला को सार्वजनिक स्थलों पर प्रदर्शित करने के महत्व पर बल दिया।

कलाकारों ने बताया कि उनके द्वारा निर्मित कलाकृतियां एवं स्मृति चिह्न देश के गणमान्य व्यक्तियों, जैसे राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और लोकसभा अध्यक्ष को भेंट किए जाते रहे हैं, जिससे उत्तराखंड की कला को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है।

भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में कार्यरत प्रभारी शेखर पंत ने विधानसभा अध्यक्ष को परिसर में चल रहे विकासात्मक और व्यवस्थागत कार्यों की जानकारी दी।

यह पहल न केवल लोकसंस्कृति के संरक्षण का प्रयास है, बल्कि स्थानीय कलाकारों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक स्वाभिमान को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।