नशा मुक्ति को लेकर महिलाओं ने निकाली 12 किमी की पैदल यात्रा
रुद्रप्रयाग। उत्तराखण्ड में महिलाएं शराब बंदी को लेकर लामबंद होने लगी है। महिलाओं ने नशा मुक्ति को लेकर हाथों में तख्तियां लेकर 12 किमी की पैदल रैली निकाल कर शासन प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। त्रियुगीनारायण गांव की महिलाए नशे के खिलाफ बड़ा अभियान छेड़े हुई हैं।
रुद्रप्रयाग जिले में नशा मुक्त समाज के निर्माण को लेकर महिलाओं ने एक प्रभावशाली पहल करते हुए जनजागरूकता का मजबूत संदेश दिया। त्रियुगीनारायण गांव की महिलाओं ने संगठित होकर त्रियुगीनारायण से सोनप्रयाग तक लगभग 12 किलोमीटर लंबी पैदल रैली निकाली। रैली के दौरान महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था और पूरे मार्ग में नशे के खिलाफ जोरदार नारे लगाए गए। इस रैली का उद्देश्य क्षेत्र में बढ़ते नशे के प्रचलन पर रोक लगाना और समाज को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना है। महिलाओं ने रास्ते भर लोगों को नशे से होने वाले नुकसान के बारे में बताया और विशेष रूप से युवाओं से इस बुराई से दूर रहने की अपील की। गांव-गांव से आई महिलाओं ने एकजुटता का परिचय देते हुए स्पष्ट किया कि नशा मुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी है।
महिलाओं ने केदारनाथ यात्रा के प्रमुख पड़ाव सोनप्रयाग में अवैध शराब की बिक्री पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे तीर्थयात्रियों की आस्था को ठेस पहुंचती है। उन्होंने कहा कि केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालु त्रियुगीनारायण भी पहुंचते हैं, ऐसे में यात्रा मार्गों पर इस प्रकार की गतिविधियां गलत संदेश देती हैं। आगामी 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम के कपाट खुलने से पहले प्रशासन को इस दिशा में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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