नए कृषि संबंधी विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान किसान की मौत

नए कृषि संबंधी विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान किसान की मौत

देहरादून:  पंजाब के मुक्तसर जिले में नए कृषि संबंधी विधेयकों के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान एक किसान की मौत हो गई । पुलिस का कहना है कि किसान के द्वारा उठाए गए इस कदम का अभी पता नहीं चला है। वहीं किसान संगठन का कहना है कि प्रीतम सिंह पर कर्ज थां!

शनिवार को पुलिस द्वारा मिली जानकारी के अनुसार मनसा जिले के अक्कनवाली गांव निवासी 70 साल के किसान प्रीतम सिंह ने शुक्रवार सुबह कोई जहरीला पदार्थ खा लियाए बाद में एक अस्पताल में उनकी मृत्यु हो गई।

प्रीतम सिंह भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहण)  15 सितंबर से बादल गांव में आयोजित प्रदर्शन में भाग ले रहे थे। जो कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का पैतृक गांव है।

भारतीय किसान यूनियन (एकता उग्रहण)  के महासचिव सुखदेव सिंह व संगठन के राज्य सचिव शिंगरा सिंह मान ने राज्य सरकार के प्रतिनिधियों से धरना स्थल पर आने और मृतक किसान के परिवार के लिए मुआवजा घोषित करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि मांगें मान नहीं लिए जाने तक हम उनका पोस्टमॉर्टम नहीं होने देंगे। मृतक किसान का शव भटिंडा के मोर्चरी में रखा गया है।
इस बीच किसानों ने बादल परिवार के आवास के बाहर 20 के बजाय 25 सितंबर तक 24 घंटे तक धरना देने का भी निर्णय किया है। इससे पूर्व 20 सितंबर तक धरना प्रदर्शन करने की घोषणा की गई थी।

इससे पहले इन अध्यादेशों को किसान विरोधी बताते हुए भारतीय किसान संघ और अन्य किसान संगठनों ने बीते 10 सितंबर को हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिपली में प्रदर्शन किया था। बीते 20 जुलाई को भी राजस्थान ,हरियाणा और पंजाब के किसानों ने अध्यादेशों के विरोध में प्रदर्शन किया था।

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