फिल्म व लोककला सम्मान में रुद्रप्रयाग ने लहराया परचम, जनपद से तीन हस्तियां सम्मानित

फिल्म व लोककला सम्मान में रुद्रप्रयाग ने लहराया परचम, जनपद से तीन हस्तियां सम्मानित

देहारादून: “उफतारा” सम्मान समारोह 2026 के दौरान रुद्रप्रयाग जिले का दबदबा देखने को मिला। जनपद की तीन नामी हस्ती, फिल्म निर्माता-निर्देशक, दुलब सिंह रौथाण, पहाड़ों कु रैवासी, सौरभ मैठाणी और प्रसिद्ध रंगकर्मी, विपिन सेमवाल को संस्था द्वारा उत्कृष्ट योगदान के लिया सम्मानित किया गया।

बीते 28 जून को राजधानी देहरादून में संस्कृति विभाग के प्रेक्षागृह में  “उत्तराखंड फिल्म टेलीविजन एंड रेडियो एसोशिएशन” द्वारा आयोजित “उफतारा” सम्मान समारोह के दौरान रुद्रप्रयाग जिले ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।लोककला, गायकी व फिल्म निर्माण से जुड़ी एक ही जनपद की तीन हस्तियों को इस सम्मान से नवाजा गया। तीनों ने ही लोककला के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर प्रदेश भर में अपना परचम लहराया है।

फिल्म निर्माता दुलब सिंह रौथाण ने अपने उत्तराखंडी सिनेमा के सफर के साथ सन 1999 में सबसे पहले सेलोलाइड फीचर फिल्म “सत्मंगल्या” का निर्माण किया। फिल्म का प्रीमियर शो दिल्ली आईटीओ स्थित प्यारेलाल भवन थियेटर में हुआ। बतौर मुख्य अतिथि उस जमाने के सुपर स्टार राजेश खन्ना ने प्रथम शो का उद्घाटन किया। फिल्म की सफलता की शुभकानाएं देते हुए मंच पर राजेश खन्ना ने रौथण से कहा था.. ये बब्लिक है बाबू मोशाय.. ये जो पब्लिक है ये सब जानती है।

बहरहाल फिल्म उम्मीद के अनुसार चल नहीं पाई। उन्हें इसका भारी नुकसान उठाना पड़ा। परंतु रौथाण ने हिम्मत नहीं हारी और कुछ वर्षों में नुकसान की भरपाई कर दोबारा”सुरमा”  वीडियो एल्बम का निर्माण किया। इससे भी उन्हें बहुत अधिक लाभ नहीं हुआ। लेकिन लोककला और संस्कृति के प्रति उनके लगाव ने उनके कदम नहीं रोके। उन्होंने फिर एक बार हिम्मत कर “कथा कार्तिक स्वामी” जैसी हिट वीडियो एल्बम का निर्माण किया, जिसका आडिओ “वीडियो सुपर कैसेट इंडस्ट्री टी सीरीज” से रिलीज़ हुआ। इस बार उनके इस प्रयास को पब्लिक ने हाथों हाथ लिया।एल्बम की सफलता के बाद रौथानण  ने बताया कि, शुरूआत में हुआ नुकसान का कारण उनका इस क्षेत्र में अनुभव का न होना रहा।

सौरभ मैठाणी आज किसी परिचय के मोहताज़ नहीं हैं। “पहाड़ू कु रैबासी” नाम से ही उनकी छवि और मधुर आवाज़ आंख कान में तैरने, गूंजने लगती है। इसके अलावा सौरभ का गीत “जख औंदी हवा सराररा” को भी लोगों ने खूब पसंद किया है।

विपिन सेमवाल, सोशल मीडिया पर अपने व्यंगात्मक कंटेंट, सुंदर अभिनय और हास्यात्मक शैली को लेकर सबके दिलों में जगह बनाए हुए है।

बता दें कि पूर्व में “उफतरा 2026 सम्मान” समारोह के तहत प्रदेश भर के फिल्म, लोककला, लोक गायन सांस्कृतिक क्षेत्र से जुड़े उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया गया था।